UP Flood Alert: नेपाल की आपदा और मॉनसून से यूपी में हाहाकार, 19 जिलों में अलर्ट जारी, बनारस की गलियों में चली नाव!



विशेष संवाददाता, लखनऊ: नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में मॉनसून की मूसलाधार बारिश के चलते राज्य में बाढ़ का खतरा चरम पर पहुंच गया है। नदियों के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रशासन पूरी तरह 'रेस्क्यू मोड' में आ गया है। प्रदेश के 19 संवेदनशील जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है, जहां एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की टीमें लगातार राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई हैं।

19 जिलों में बिगड़े हालात, खतरे के निशान से ऊपर नदियां:

प्रदेश के कई प्रमुख जिले इस समय भीषण बाढ़ का दंश झेल रहे हैं। अमरोहा, अयोध्या, आजमगढ़, बलिया, बाराबंकी, बदायूं, चंदौली, फर्रुखाबाद, गोरखपुर, हरदोई, कासगंज, कन्नौज, लखीमपुर खीरी, मुरादाबाद, प्रयागराज, संत कबीर नगर, शाहजहांपुर, उन्नाव और वाराणसी के निचले इलाकों में पानी भर चुका है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है। मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट की ओर जाने वाले रास्तों व गलियों में पानी भरने के कारण अब शवों को अंतिम संस्कार के लिए नावों के जरिए ले जाया जा रहा है। वहीं, सोनभद्र में बाणसागर बांध के आठ फाटक खोले जाने के बाद सोन नदी भी उफान पर है।

चलाए गए बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन:

बाढ़ में फंसे लोगों और मवेशियों को सुरक्षित निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाए जा रहे हैं। गाजीपुर में नदी के टापू पर 2,000 भेड़ों के साथ फंसे 12 चरवाहों को पीएसी और स्थानीय नाविकों ने 6 घंटे के कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित निकाला। चंदौली में तीन पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं लखीमपुर खीरी में रेलवे ट्रैक पर बाढ़ का पानी भरने के कारण मैलानी-नानपारा रूट की सभी छह ट्रेनों को निरस्त करना पड़ा है।

राहत शिविरों और भोजन वितरण की स्थिति:

राहत आयुक्त कार्यालय से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए 549 बाढ़ चौकियां, 248 मेडिकल टीमें और 552 नाव व मोटरबोट तैनात की गई हैं। विस्थापित लोगों के लिए 312 राहत शिविर बनाए गए हैं, जिनमें से 106 पूरी तरह संचालित हैं। अब तक लाखों लंच पैकेट और खाद्यान्न किट जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचाई जा चुकी हैं। महाराजगंज और कुशीनगर में गंडक एवं नारायणी नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 24 घंटे सतर्क रहने के कड़े निर्देश दिए हैं।


आपकी राय: आपके इलाके में मॉनसून और बारिश के क्या हालात हैं? प्रशासन की ओर से की जा रही तैयारियों पर आपकी क्या राय है? नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!

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