हेलमेट न पहनने पर पुलिस ने काटा 'ऊंट' का चालान: रसीद देख उड़े मालिक के होश, थाने में लगाई गुहार!
विशेष संवाददाता, बाड़मेर: राजस्थान के रेगिस्तानी इलाके बाड़मेर से एक बेहद हैरान कर देने वाला और हास्यास्पद मामला सामने आया है। यहां एक ऊंट पालक किसान के मोबाइल पर अचानक ट्रैफिक पुलिस की ओर से चालान कटने का मैसेज आया। मैसेज खोलकर जब किसान ने ई-चालान की रसीद देखी, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। रसीद में मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का उल्लंघन बताते हुए 'हेलमेट न पहनने' और 'सीट बेल्ट न लगाने' के आरोप में ₹1000 का जुर्माना ठोका गया था, जबकि किसान का कहना है कि उसके पास कोई दोपहिया या चारपहिया वाहन है ही नहीं, वह तो सिर्फ अपने ऊंट की सवारी करता है!
रेगिस्तान से लौटते ही मोबाइल पर आया चालान का मैसेज:
मिली जानकारी के अनुसार, बाड़मेर के एक सुदूर ग्रामीण इलाके में रहने वाला किसान रोजाना की तरह अपने पालतू ऊंट को चराने और सामान ढोने के काम से बाहर गया हुआ था। शाम को जब वह घर लौटा, तो उसके मोबाइल पर ट्रैफिक पुलिस के ई-चालान पोर्टल से एक संदेश प्राप्त हुआ। किसान ने जब अपने परिजनों की मदद से चालान का विवरण पढ़ा, तो उसमें लिखा था कि निर्धारित स्थान पर बिना हेलमेट यात्रा करते हुए नियम तोड़े गए हैं। यह पढ़कर पूरा परिवार सोच में पड़ गया कि आखिर बिना किसी गाड़ी के उनका चालान कैसे कट गया।
ऊंट लेकर सीधे थाने पहुंचा पीड़ित किसान:
किसान ने किसी कानूनी झंझट से बचने के लिए अपने ऊंट की रस्सी पकड़ी और सीधे स्थानीय पुलिस थाने पहुंच गया। थाने के बाहर ऊंट को बांधकर उसने पुलिस अधिकारियों के सामने अपनी बात रखी और चालान की रसीद दिखाते हुए गुहार लगाई— "साहब, मेरे पास तो सिर्फ यह ऊंट है। क्या अब मुझे रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करते वक्त भी सिर पर हेलमेट और कमर में सीट बेल्ट बांधनी पड़ेगी?" किसान की यह बात सुनकर थाने में मौजूद पुलिसकर्मी और अन्य लोग अपनी हंसी नहीं रोक पाए।
तकनीकी गड़बड़ी से हुआ पूरा खेल:
मामले की गंभीरता को देखते हुए ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों ने जब चालान संख्या और वाहन रिकॉर्ड की जांच की, तो सारा माजरा समझ आया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि चेकिंग के दौरान किसी अन्य बाइक सवार का चालान काटते समय सिस्टम में नंबर प्लेट की गलत स्कैनिंग या आरटीओ डाटा में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से चालान किसान के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर जेनरेट हो गया था। पुलिस अधिकारियों ने किसान को आश्वस्त किया कि यह एक तकनीकी त्रुटि है और इस चालान को तत्काल प्रभाव से निरस्त (Cancel) करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
आपकी राय: क्या ऑनलाइन ई-चालान सिस्टम में ऐसी तकनीकी गड़बड़ियों को रोकने के लिए कोई सख्त व्यवस्था होनी चाहिए? अपनी राय नीचे कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं!

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